RAS प्रीलिम्स · पेपर विश्लेषण
RAS प्रीलिम्स में असल में प्रश्न आते कहाँ से हैं? 2013 से 2023 तक के पेपरों का पूरा हिसाब
पाँच पेपर, 750 प्रश्न, और एक साफ़ तस्वीर — कौन सा विषय आपका ज़्यादा समय माँगता है, और कौन सा कम।
तैयारी करने वाले हर स्टूडेंट के साथ एक ही दिक़्क़त होती है — पढ़ने को इतना है कि समझ ही नहीं आता शुरू कहाँ से करें। सिलेबस खोलकर बैठो तो लगता है सब कुछ ज़रूरी है। और यही वो जगह है जहाँ ज़्यादातर लोग महीनों लगा देते हैं ऐसे टॉपिक्स में, जिनसे पिछले दस साल में मुश्किल से एक-दो सवाल आए हैं।
इसका इलाज बहुत सीधा है। पेपर देख लीजिए। जो पेपर पहले आ चुके हैं, वही आपको सबसे ईमानदारी से बताते हैं कि आयोग की दिलचस्पी किसमें है। इसलिए यहाँ हमने 2013, 2016, 2018, 2021 और 2023 — इन पाँच RAS प्रारंभिक परीक्षाओं को उठाया और गिनकर देखा कि किस विषय से कितने सवाल आए।
कुल 750 सवाल। और उन 750 सवालों में एक साफ़ पैटर्न है, जो आपकी टाइम-टेबल बदल सकता है।
पहले परीक्षा का ढाँचा, एक लाइन में
RAS प्रारंभिक परीक्षा — बेसिक जानकारी
- कुल प्रश्न: 150
- कुल अंक: 200
- समय: 3 घंटे
- प्रकृति: क्वालिफाइंग — अंक मेरिट में नहीं जुड़ते, पर पास हुए बिना आगे कुछ नहीं
पाँच पेपर × 150 प्रश्न = 750 प्रश्न। नीचे का पूरा विश्लेषण इन्हीं 750 पर टिका है। एक बात पहले ही साफ़ कर दें — इसमें 2024 का पेपर शामिल नहीं है, तो इसे पत्थर की लकीर मत मानिए। यह ट्रेंड है, गारंटी नहीं। लेकिन ट्रेंड भी कोई छोटी चीज़ नहीं होती।
विषयवार वेटेज: सात खानों में बँटा हुआ पूरा पेपर
अगर राजस्थान और भारत — दोनों हिस्सों को जोड़कर देखें, तो तस्वीर इस तरह बनती है:
| विषय | कुल प्रश्न | वेटेज |
|---|---|---|
| इतिहास (भारत + राजस्थान) | 126 | 16.8% |
| राजव्यवस्था (भारत + राजस्थान) | 115 | 15.3% |
| करंट अफेयर्स | 106 | 14.1% |
| तर्कशक्ति एवं मानसिक योग्यता | 106 | 14.1% |
| भूगोल (भारत/विश्व + राजस्थान) | 105 | 14.0% |
| विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी | 97 | 12.9% |
| अर्थव्यवस्था (भारत + राजस्थान) | 95 | 12.7% |
| कुल | 750 | 100% |
↔ टेबल को बाएँ-दाएँ स्क्रॉल करें
सबसे ऊपर इतिहास है, और सबसे नीचे अर्थव्यवस्था — पर ग़ौर कीजिए, फ़र्क़ सिर्फ़ चार प्रतिशत का है। मतलब यह कि RAS प्रीलिम्स में कोई भी विषय "छोड़ने लायक" नहीं है। हर खाने में करीब सौ सवाल पड़े हैं। किसी एक को पूरी तरह छोड़ने का मतलब है सौ सवालों पर आँख मूँद लेना।
असली काम की बात: विषय चुनने में नहीं, विषय के अंदर चुनने में फ़ायदा है। यानी इतिहास पूरा पढ़िए, लेकिन राजस्थान के इतिहास को ज़्यादा वक़्त दीजिए। आगे यही बताया गया है।
राजस्थान बनाम भारत: यहीं पर ज़्यादातर लोग समय गँवाते हैं
सिलेबस में लिखा होता है "भारत एवं राजस्थान"। लोग मान लेते हैं दोनों बराबर हैं। पेपर कुछ और कहता है।
इतिहास — राजस्थान भारी पड़ता है
| उपविषय | 2013 | 2016 | 2018 | 2021 | 2023 | कुल |
|---|---|---|---|---|---|---|
| राजस्थान का इतिहास, कला, संस्कृति, साहित्य एवं विरासत | 14 | 15 | 11 | 15 | 16 | 71 |
| भारतीय इतिहास | 10 | 10 | 14 | 9 | 12 | 55 |
राजस्थान का हिस्सा अकेले 9.5% वेटेज रखता है। भारतीय इतिहास उससे पीछे है। तो प्राथमिकता साफ़ है — राजस्थान पहले।
लेकिन 2018 के कॉलम पर उँगली रखिए। उस साल राजस्थान से 11 और भारतीय इतिहास से 14 सवाल आए। पलट गया। इसलिए अगर आपके पास समय है, रिवीजन का वक़्त बचा हुआ है, तो दोनों को बराबर वज़न दीजिए। समय कम है तभी राजस्थान को आगे रखिए — यह मजबूरी का फ़ैसला है, आदर्श नहीं।
भूगोल — यहाँ अंतर और बड़ा है
| उपविषय | 2013 | 2016 | 2018 | 2021 | 2023 | कुल |
|---|---|---|---|---|---|---|
| राजस्थान का भूगोल | 11 | 15 | 13 | 11 | 15 | 65 |
| भारत एवं विश्व का भूगोल | 10 | 10 | 7 | 7 | 6 | 40 |
वेटेज में देखें तो राजस्थान का भूगोल 8.7% और भारत+विश्व का भूगोल 5.3%। तीन प्रतिशत से ऊपर का अंतर, और पिछले तीन पेपरों में भारत/विश्व का हिस्सा लगातार घटा है — 7, 7, 6। यह इत्तेफ़ाक़ नहीं लगता।
राजव्यवस्था — यहाँ दोनों बराबर
| उपविषय | 2013 | 2016 | 2018 | 2021 | 2023 | कुल |
|---|---|---|---|---|---|---|
| राजस्थान की राजनीतिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था | 11 | 13 | 9 | 14 | 11 | 58 |
| भारतीय संविधान, राजनीतिक तंत्र एवं शासन | 14 | 10 | 16 | 10 | 7 | 57 |
58 और 57। इससे नज़दीक का मुक़ाबला मुश्किल है। यहाँ "राजस्थान पहले" वाला फ़ॉर्मूला मत लगाइए — दोनों को बराबर समय दीजिए।
अर्थव्यवस्था — फिर से राजस्थान आगे
भारतीय अर्थव्यवस्था से पाँच पेपरों में 39 सवाल, और राजस्थान की अर्थव्यवस्था से 56। फ़र्क़ बड़ा है। राजस्थान की योजनाएँ, GSDP के आँकड़े, आर्थिक समीक्षा — इन पर पकड़ बनाइए।
दो विषय जिन्हें लोग हल्के में लेते हैं और पछताते हैं
तर्कशक्ति एवं मानसिक योग्यता — 106 प्रश्न
पिछले पाँच पेपरों में: 25, 21, 20, 20, 20। यानी हर पेपर में औसतन इक्कीस सवाल, और लगभग तय। यह पूरे पेपर का सातवाँ हिस्सा है।
अब सोचिए — इतिहास में सौ किताबें पढ़ने के बाद भी कोई गारंटी नहीं कि सवाल आपके पढ़े हुए हिस्से से ही आएगा। पर रीज़निंग में? जो प्रैक्टिस करेगा, उसके नंबर आएँगे। यह सेक्शन स्कोरिंग है और इसे कंट्रोल किया जा सकता है। रोज़ आधा घंटा — बस इतना काफ़ी है, पर रोज़।
करंट अफेयर्स — 106 प्रश्न
रीज़निंग के बराबर। और इसका सबसे बड़ा हिस्सा पिछले बारह महीनों की घटनाओं से आता है। यहाँ राजस्थान-विशिष्ट करंट अफेयर्स पर ख़ास नज़र रखिए — नई नीतियाँ, नियुक्तियाँ, विभिन्न सूचकांकों में राजस्थान की रैंकिंग।
अब टॉपिक-लेवल पर: तीन श्रेणियाँ
विषय का वेटेज जान लेना आधा काम है। बाक़ी आधा यह है कि उस विषय के अंदर कहाँ खुदाई करनी है। नीचे हर विषय के टॉपिक तीन श्रेणियों में बाँटे गए हैं:
श्रेणियाँ कैसे तय हुईं
- उच्च — पाँचों पेपरों में, यानी हर साल सवाल आया
- मध्यम — आधे से ज़्यादा बार, यानी कम-से-कम तीन पेपरों में
- सामान्य — कभी-कभार, एक या दो बार
पढ़ने का क्रम इसी हिसाब से रखिए। उच्च वाले पहले, फिर मध्यम, फिर सामान्य। और अगर किसी उच्च श्रेणी के टॉपिक पर आपकी पकड़ कमज़ोर है — वहीं सबसे ज़्यादा समय लगाइए। यही इस पूरे विश्लेषण का निचोड़ है।
इतिहास के टॉपिक
- सिंधु घाटी सभ्यता — नगर योजना, प्रमुख स्थल, पतन के कारण
- बौद्ध एवं जैन धर्म — सिद्धांत, स्तूप स्थापत्य, प्रमुख ग्रंथ
- वैदिक एवं उत्तर वैदिक काल — सामाजिक-राजनीतिक व्यवस्था
- मौर्य, गुप्त, कुषाण, सातवाहन — प्रशासन एवं कला
- मालव गणराज्य, लौह प्रौद्योगिकी, पुरातात्विक उत्खनन
- भक्ति आंदोलन — निर्गुण एवं सगुण भक्ति, प्रमुख संत
- सूफी आंदोलन — चिश्ती, सुहरावर्दी, क़ादरी सिलसिले और उनका क्षेत्रीय प्रसार
- दिल्ली सल्तनत
- विजयनगर एवं मुग़ल प्रशासन
- मराठा शक्ति
- शेरशाह सूरी के प्रशासनिक सुधार एवं स्मारक
- असहयोग आंदोलन (1920–22) — कारण, कार्यक्रम, वापसी
- 1857 की क्रांति — कारण, क्षेत्रवार नेतृत्व, परिणाम
- राज्य पुनर्गठन आयोग 1953 — भाषाई आधार पर राज्यों का पुनर्गठन
- भारत छोड़ो आंदोलन 1942
- सुभाष चंद्र बोस एवं आज़ाद हिंद फ़ौज
- संविधान सभा — गठन, समितियाँ, बहसें
- गांधीजी के आरंभिक सत्याग्रह — चंपारण, खेड़ा, अहमदाबाद मिल हड़ताल
- क्रांतिकारी आंदोलन — HSRA, ग़दर पार्टी, बंगाल के क्रांतिकारी संगठन
- भारत माता का चित्रण, राष्ट्रीय प्रतीकों का निर्माण, कला राष्ट्रवाद
- चौहान वंश — पृथ्वीराज चौहान, अजमेर, दिल्ली विजय
- मेवाड़ के सिसोदिया शासक — राणा कुंभा, राणा सांगा, महाराणा प्रताप, हल्दीघाटी
- 1857 में राजस्थान की भूमिका — आउवा, टोंक, नसीराबाद, नीमच छावनियाँ
- किसान आंदोलन — बिजोलिया, बूँदी, दूधवा खारा
- प्रजामंडल आंदोलन एवं राजनीतिक जागृति
- राजस्थान का एकीकरण (1948–56) — सातों चरण क्रम से याद रखें
- मारवाड़/जोधपुर का इतिहास — राव जोधा, वीर दुर्गादास राठौड़
- भील एवं आदिवासी आंदोलन — गोविंद गुरु, मानगढ़ नरसंहार
- हुरड़ा सम्मेलन, मराठा–राजपूत संबंध
- गुर्जर-प्रतिहार एवं नागभट्ट
- लोक देवता एवं लोक देवियाँ — पाँच पीर, कुलदेवी, इष्टदेवी
- किले एवं स्मारक — चित्तौड़गढ़, कुंभलगढ़, आमेर, यूनेस्को सूची
- लोक नृत्य एवं लोक संगीत — घूमर, कालबेलिया, तेरहताली
- मेले एवं त्योहार — पुष्कर, तीज, गणगौर
- चित्रकला शैलियाँ — मेवाड़, बूँदी, किशनगढ़ (बणी-ठणी)
- राजस्थानी बोलियाँ एवं साहित्यिक शब्दावली — आड़ी, हयाली
- हस्तशिल्प एवं GI टैग उत्पाद
- प्रमुख साहित्यकार एवं रचनाएँ — पृथ्वीराज रासो, वीर विनोद
राजव्यवस्था के टॉपिक
- मौलिक अधिकार — अनुच्छेद 12 से 35, और वे अधिकार जो केवल नागरिकों को प्राप्त हैं (भाग 3)
- नीति निदेशक तत्व एवं मौलिक कर्तव्य — भाग 4 (अनु. 36–51), भाग 4क (अनु. 51क, 11 कर्तव्य)
- प्रमुख संविधान संशोधन — 42वाँ, 44वाँ, 73वाँ, 74वाँ
- संवैधानिक निकाय — निर्वाचन आयोग, CAG, UPSC, RPSC
- संसद — गठन, प्रक्रिया, विधेयकों के प्रकार
- न्यायपालिका — सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालय, न्यायिक समीक्षा
- केंद्र-राज्य संबंध एवं वित्त आयोग
- आपातकालीन उपबंध — अनुच्छेद 352, 356, 360
छोटी सलाह: 352, 356 और 360 को श्रेणी की परवाह किए बिना पढ़ लीजिए। ये तीन अनुच्छेद किसी भी साल आ सकते हैं और इन्हें पढ़ने में मुश्किल से एक घंटा लगता है।
- पंचायती राज व्यवस्था — राजस्थान में विकास क्रम, संबंधित संशोधन अधिनियम
- राज्य निर्वाचन आयोग — अनुच्छेद 243 के तहत गठन, शक्तियाँ, पंचायत व शहरी निकाय चुनावों में भूमिका
- राजस्थान विधानसभा — अनुच्छेद 168 से आगे, संरचना एवं प्रक्रिया
- राजस्थान लोकायुक्त — शक्तियाँ, जाँच का दायरा, 1973 का अधिनियम
- राजस्थान उच्च न्यायालय — इतिहास एवं प्रशासनिक स्वरूप
- नरपत मल लोढ़ा समिति 2014 एवं प्रशासनिक सुधार
संविधान का भाग 6 (अनुच्छेद 152 से 237) राज्यों से संबंधित है। राजस्थान की राजव्यवस्था पढ़ते समय इसे ठीक से कर लीजिए — यह दोनों हिस्सों को जोड़ता है।
भूगोल के टॉपिक
- भारत की जलवायु एवं मानसून तंत्र
- अपवाह तंत्र — हिमालयी एवं प्रायद्वीपीय नदियाँ
- खनिज संसाधन — लौह अयस्क, कोयला, तेल-गैस, परमाणु खनिज
- विश्व भूगोल — मरुस्थलीकरण, पठार, महासागरीय धाराएँ
- मृदा के प्रकार एवं कृषि-जलवायु प्रदेश
- भारत के भौतिक विभाग एवं पर्वत श्रृंखलाएँ
- अरावली पर्वतमाला — विस्तार, दर्रे, प्रमुख चोटियाँ, भूवैज्ञानिक महत्व
- नदियाँ, झीलें एवं वर्षा का वितरण — कहाँ ज़्यादा, कहाँ कम, और क्यों
- वन क्षेत्र एवं वन्यजीव — नवीनतम फ़ॉरेस्ट रिपोर्ट के आँकड़े
- कृषि एवं प्रमुख फ़सलें — बाजरा, मूँगफली, सरसों
- जनगणना 2011 — साक्षरता एवं लिंगानुपात, ज़िलेवार उच्चतम-न्यूनतम
- मरुस्थलीय भूगोल — थार, बालू स्तूप, मरुस्थल प्रसार रोकथाम
- खनिज संपदा — जिप्सम, ताँबा, संगमरमर, बाड़मेर का तेल क्षेत्र
- परिवहन गलियारे — सड़क एवं रेल नेटवर्क
अर्थव्यवस्था के टॉपिक
- बजट एवं वित्तीय संसाधन जुटाना
- कृषि सुधार — संस्थागत एवं तकनीकी पहलू, GDP में कृषि का योगदान और उसमें बदलाव
- मौद्रिक एवं राजकोषीय नीति की भूमिका
- मानव विकास सूचकांक एवं संबंधित इंडेक्स
- आर्थिक सुधार — उदारीकरण, निजीकरण, वैश्वीकरण (LPG)
- प्रमुख कल्याणकारी योजनाएँ
- GSDP — आकार, प्रति व्यक्ति आय, और कृषि/उद्योग/सेवा क्षेत्र का क्षेत्रवार योगदान
- राज्य वित्त आयोग एवं स्थानीय वित्त की स्थिति
- RIICO की भूमिका एवं राजस्थान की निवेश नीति
- सिंचाई परियोजनाएँ — इंदिरा गांधी नहर, चंबल परियोजना
- सामाजिक सेवाएँ — शिक्षा, स्वास्थ्य एवं संबंधित सूचकांक
विज्ञान, प्रौद्योगिकी और करंट अफेयर्स
- जीव विज्ञान — मानव शरीर, तंत्र, पोषण एवं रोग
- पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी — जैव विविधता, संरक्षित क्षेत्र
- रसायन विज्ञान — दैनिक जीवन की रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं अनुप्रयोग
- कंप्यूटर एवं सूचना प्रौद्योगिकी की मूलभूत बातें
- भौतिकी — बल, ऊर्जा, प्रकाश से जुड़े रोज़मर्रा के सिद्धांत
- राष्ट्रीय घटनाएँ एवं नीतिगत निर्णय — ख़ासकर पिछले 12 महीने
- राजस्थान-विशिष्ट करंट अफेयर्स — नई नीतियाँ, नियुक्तियाँ, इंडेक्स में रैंकिंग
- रिपोर्ट एवं सूचकांक — नीति आयोग की रिपोर्ट, आर्थिक सर्वेक्षण, वैश्विक रैंकिंग में भारत और उसमें राजस्थान की स्थिति
- अंतरराष्ट्रीय घटनाएँ एवं भारत की विदेश नीति
- खेल, पुरस्कार एवं राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मान
इस पूरी जानकारी का करना क्या है
पढ़ लेना एक बात है। इसे अपनी टाइम-टेबल में उतारना दूसरी। तो ऐसे कीजिए:
एक काग़ज़ लीजिए और ऊपर लिखे हर उच्च-श्रेणी टॉपिक के सामने अपनी पकड़ लिख दीजिए — मज़बूत, ठीक-ठाक, या कमज़ोर। अब जो टॉपिक "उच्च श्रेणी + कमज़ोर पकड़" वाले खाने में आ गए, वो आपकी अगली दो-तीन हफ़्ते की प्राथमिकता हैं। बाक़ी सब बाद में।
यह लिस्ट शायद पंद्रह-बीस टॉपिक्स की बनेगी। और यही वो पंद्रह-बीस टॉपिक हैं जो आपके कटऑफ़ पार करने या न करने के बीच खड़े हैं। पूरा सिलेबस एक बराबर पढ़ते रहने से यह काम कभी नहीं होगा — क्योंकि उसमें कमज़ोर हिस्सा हमेशा कमज़ोर ही रह जाता है।
एक चेतावनी: यह विश्लेषण पाँच पेपरों पर आधारित है और 2024 का पेपर इसमें शामिल नहीं है। पैटर्न हर साल थोड़ा हिलता है — 2018 का इतिहास वाला उलटफेर इसका सबूत है। इसलिए इसे रास्ता समझिए, दीवार नहीं। सामान्य श्रेणी के टॉपिक भी एक बार पढ़ लीजिए, भले आख़िर में।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
RAS प्रीलिम्स में सबसे ज़्यादा वेटेज किस विषय का है?
इतिहास का — भारत और राजस्थान दोनों मिलाकर 750 में से 126 प्रश्न, यानी 16.8%। इसके बाद राजव्यवस्था (15.3%) और फिर करंट अफेयर्स व रीज़निंग (दोनों 14.1%)।
क्या भारतीय इतिहास छोड़कर सिर्फ़ राजस्थान का इतिहास पढ़ सकते हैं?
नहीं। भारतीय इतिहास से भी पाँच पेपरों में 55 प्रश्न आए हैं, और 2018 में तो यह राजस्थान से आगे निकल गया था। हाँ, समय बँटवारे में राजस्थान को ज़्यादा हिस्सा दीजिए।
रीज़निंग कितनी ज़रूरी है?
पाँच पेपरों में 106 प्रश्न — पूरे पेपर का करीब सातवाँ हिस्सा, और यह सबसे भरोसेमंद स्कोरिंग सेक्शन है क्योंकि यहाँ नंबर पूरी तरह आपकी प्रैक्टिस पर निर्भर करते हैं।
करंट अफेयर्स कितने महीने का पढ़ें?
मुख्य ज़ोर पिछले 12 महीनों पर रखिए, और राजस्थान से जुड़े हिस्से को अलग से नोट कीजिए — नीतियाँ, नियुक्तियाँ और सूचकांकों में राज्य की रैंकिंग।
यह विश्लेषण किन पेपरों पर आधारित है?
RAS प्रारंभिक परीक्षा 2013, 2016, 2018, 2021 और 2023 — कुल पाँच पेपर, 750 प्रश्न। 2024 का पेपर इसमें शामिल नहीं है।

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