Header Ads Widget

Responsive Advertisement

New Rajasthan 41 Districts and 7 Divisions Trick | राजस्थान के 41 जिले और 7 संभाग याद रखने की सबसे आसान ट्रिक

राजस्थान के 41 जिले और 7 संभाग याद रखने की सबसे आसान ट्रिक
RAS • राजस्थान RAS विशेष

राजस्थान के 41 जिले और 7 संभाग याद रखने की सबसे आसान ट्रिक

एक बार पढ़िए और जिंदगी भर के लिए भूलना मुश्किल हो जाएगा

राजस्थान का नक्शा देखते ही ज्यादातर स्टूडेंट्स के मन में एक ही डर बैठ जाता है

इतने सारे जिले हैं इतना क्लस्टर्ड मैप है याद कैसे होगा

सच बताऊं तो ये डर पूरी तरह बेवजह है

जिस दिन आप जिलों को संभाग यानी डिवीजन में तोड़ना सीख जाते हैं उस दिन पूरा राजस्थान आपकी मुट्ठी में आ जाता है

इस आर्टिकल में हम राजस्थान का इतिहास हर संभाग हर जिला हर अंतरराज्य सीमा और परीक्षा में बार बार पूछे जाने वाले फैक्ट्स को इतनी आसान भाषा में समझेंगे कि एक बार पढ़ने के बाद भी दिमाग में पक्का बैठ जाए


राजस्थान का इतिहास एक नजर में

आज जो राजस्थान हम नक्शे में देखते हैं वो हमेशा से ऐसा नहीं था

13 मार्च 1949 को राजस्थान अपने वर्तमान स्वरूप में अस्तित्व में आया

लेकिन इस स्वरूप तक पहुंचने में पूरे सात चरण लगे

स्टेट रिऑर्गेनाइजेशन एक्ट 1956 के बाद ही राजस्थान का असली एकीकरण पूरा हुआ माना जाता है

यही इतिहास वाला हिस्सा लगभग हर परीक्षा में घूम फिरकर पूछा जाता है इसलिए शुरुआत में ही इसे मजबूत कर लेना सबसे फायदेमंद रहता है

2026 में राजस्थान एक नजर में

आज की तारीख में राजस्थान में कुल 41 जिले मौजूद हैं

और इन 41 जिलों को 7 संभाग यानी डिवीजन में बांटा गया है

सिर्फ 7 संभाग याद कर लीजिए तो 41 जिलों को याद करना खुद ब खुद आधा आसान हो जाता है

राजस्थान के रोचक रिकॉर्ड

सबसे बड़ा जिला
जैसलमेर
सबसे छोटा जिला
दूदू
सर्वाधिक जनसंख्या
जयपुर
न्यूनतम जनसंख्या
जैसलमेर

इन चारों फैक्ट्स को शुरुआत में ही रट लीजिए क्योंकि एग्जाम में यही सबसे ज्यादा घुमा फिरा कर पूछे जाते हैं

अंतरराज्य सीमा कौन किससे जुड़ता है

राजस्थान अपनी सीमा पांच अलग अलग राज्यों के साथ साझा करता है आइए एक एक करके देखते हैं

राज्यजिलों की संख्याजिले
पंजाब2श्रीगंगानगर • हनुमानगढ़
हरियाणा8हनुमानगढ़ • चूरू • झुंझुनू • सीकर • कोटपुतली बहरोड़ • खैरथल तिजारा • अलवर • डीग
उत्तर प्रदेश3डीग • भरतपुर • धौलपुर
मध्य प्रदेश10धौलपुर • करौली • सवाई माधोपुर • कोटा • बारां • झालावाड़ • चित्तौड़गढ़ • प्रतापगढ़ • बांसवाड़ा • भीलवाड़ा
गुजरात6बांसवाड़ा • डूंगरपुर • उदयपुर • सिरोही • जालौर • बाड़मेर
सबसे ज्यादा जिले मध्य प्रदेश के साथ जुड़े हैं इसलिए राजस्थान की सबसे लंबी अंतरराज्य सीमा भी मध्य प्रदेश के साथ है जो लगभग 1600 किलोमीटर लंबी है
सबसे छोटी अंतरराज्य सीमा पंजाब के साथ है जो लगभग 89 किलोमीटर की है

अंतरराष्ट्रीय सीमा वाले जिले

सिर्फ दो जिले ऐसे हैं जो अंतरराज्य के साथ साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा भी साझा करते हैं

पहला श्रीगंगानगर जो पाकिस्तान के साथ साथ पंजाब से भी जुड़ता है

दूसरा बाड़मेर जो पाकिस्तान के साथ साथ गुजरात से भी जुड़ता है

दो राज्यों से एक साथ सीमा साझा करने वाले जिले

चार जिले ऐसे हैं जो एक साथ दो अलग अलग राज्यों की सीमा को छूते हैं

हनुमानगढ़ पंजाब और हरियाणा दोनों से जुड़ता है

डीग हरियाणा और उत्तर प्रदेश दोनों से जुड़ता है

धौलपुर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश दोनों से जुड़ता है

बांसवाड़ा मध्य प्रदेश और गुजरात दोनों से जुड़ता है

अब बात करते हैं सातों संभागों की

यहीं से असली मजा शुरू होता है हर संभाग के साथ एक छोटी सी ट्रिक भी दे रही हूं ताकि जिले हमेशा के लिए याद रह जाएं

बीकानेर संभाग • कुल 4 जिले

बीकानेर • श्रीगंगानगर • हनुमानगढ़ • चूरू
ट्रिक → बीकानेर के चार चौधरीबीकानेर खुद चौधरी है साथ में चूरू हनुमानगढ़ और गंगानगर भी इसी परिवार के चौधरी बन जाते हैं

कोटा संभाग • कुल 4 जिले

कोटा • बूंदी • बारां • झालावाड़
ट्रिक → कोटा की बारात में चार बूंदी और चार झालर थी बड़ी फीकी सी बारात थीकोटा की बारात यानी डिवीजन में चार से बूंदी और चार से झालावाड़ अपने आप याद हो जाता है

भरतपुर संभाग • कुल 5 जिले

भरतपुर • डीग • धौलपुर • करौली • सवाई माधोपुर
ट्रिक → भरत और माधव ने करी दीप वर्षाभरत से भरतपुर माधव से सवाई माधोपुर करी से करौली दीप से डीग और वर्षा से धौलपुर जुड़ जाता है

अजमेर संभाग • कुल 6 जिले

अजमेर • ब्यावर • डीडवाना कुचामन • नागौर • टोंक • भीलवाड़ा
ट्रिक → अजमेर में भील ने नाग टोका और ब्याह करा दियाभील से भीलवाड़ा नाग से नागौर टोका से टोंक और ब्याह से ब्यावर तथा डीडवाना अपने आप याद हो जाते हैं

उदयपुर संभाग • कुल 7 जिले

उदयपुर • राजसमंद • चित्तौड़गढ़ • सालूंबर • डूंगरपुर • बांसवाड़ा • प्रतापगढ़
ट्रिक → उदय ने बांस के डूंग को चित करके राज और प्रताप दिखाया साल भरबांस से बांसवाड़ा डूंग से डूंगरपुर चित से चित्तौड़गढ़ राज से राजसमंद प्रताप से प्रतापगढ़ और साल भर से सालूंबर बन जाता है

जोधपुर संभाग • कुल 8 जिले

जोधपुर • फलौदी • जैसलमेर • बाड़मेर • जालौर • सिरोही • पाली • बालोतरा
ट्रिक → जय फलौदी और जालौर पाली बाड़मेर सिरोही में धुल गएजय से जैसलमेर फल से फलौदी जल से जालौर पाली वैसे ही बासी से बाड़मेर सी से सिरोही और धुल से बालोतरा जुड़ जाता है

जयपुर संभाग • कुल 7 जिले

जयपुर • सीकर • दौसा • अलवर • कोटपुतली बहरोड़ • खैरथल तिजारा • झुंझुनू
ट्रिक → जय कोट खोल झुंड में अलग दौड़ा सीखोजय से जयपुर कोट से कोटपुतली खोल से खैरथल झुंड से झुंझुनू अलग से अलवर दौड़ा से दौसा और सीखो से सीकर बन जाता है

क्विक रिवीजन टेबल

संभागकोडजिलों की संख्या
बीकानेरB44
कोटाK44
भरतपुरB55
अजमेरA66
उदयपुरU77
जोधपुरJ88
जयपुरJ77
ध्यान दीजिए 4 से शुरू होकर संख्या धीरे धीरे बढ़ते हुए 8 तक जाती है इसी क्रम को याद रखने से पूरा स्ट्रक्चर दिमाग में बैठ जाता है

अपनी तैयारी परखिए

निम्नलिखित में से कौन सा जिला जोधपुर संभाग में नहीं आता

बालोतरा फलौदी नागौर जैसलमेर

याद रखने का सही तरीका क्या है

एक बार में सब कुछ याद हो जाए ऐसा किसी के साथ नहीं होता

असली तरीका यही है कि एक खाली पॉलिटिकल मैप उठाइए और खुद से भरना शुरू कीजिए

पहले संभाग की नंबरिंग कीजिए फिर बॉर्डर बनाइए और फिर हर संभाग के अंदर जिलों को ट्रिक के साथ भरिए

जितनी बार आप खुद इसे भरेंगे उतनी बार यह जानकारी दिमाग में और पक्की होती जाएगी

निष्कर्ष

राजस्थान का मैप पहली नजर में जितना डरावना लगता है उतना है नहीं

बस इतिहास से शुरुआत कीजिए फिर 7 संभागों को पकड़िए और हर संभाग के जिलों को ट्रिक के साथ जोड़ लीजिए

एक बार यह स्ट्रक्चर बैठ गया तो कोई भी बॉर्डर या जिला वाला सवाल आपको उलझा नहीं पाएगा

Post a Comment

0 Comments